कटनी की बड़ी उपलब्धि: जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 1600 कार्य पूर्ण, 49 करोड़ से सुधरेगा जलस्तर

Shailendra Tiwari
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ब्रेकिंग न्यूज़:- ​​​कटनी में जल क्रांति: 49 करोड़ की लागत से 1600 जल संरचनाएं तैयार। जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर के नेतृत्व में 'जन आंदोलन' बना जल गंगा संवर्धन अभियान। पानी की हर बूंद को सहेजने के संकल्प के साथ कटनी जिला पंचायत ने एक नया इतिहास रच दिया है। "जल गंगा संवर्धन अभियान 2026" के तहत जिले के ग्रामीण अंचलों में जल संरक्षण के 1600 से अधिक कार्य रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए गए हैं। यह केवल सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि भविष्य के जल संकट को मात देने की एक सामूहिक कोशिश है, जिसे जिला पंचायत सीईओ सुश्री हर सिमरनप्रीत कौर की सक्रियता ने एक नई दिशा दी है।।।
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कटनी जिला पंचायत ने रचा इतिहास। 49 करोड़ की लागत से 1600 जल संरक्षण कार्य पूरे।  जिला पंचायत सीईओ सुश्री हर सिमरनप्रीत कौर के नेतृत्व में अभियान बना जन आंदोलन।
मनरेगा और 15वें वित्त की मदद से लगभग ₹49 करोड़ के विकास कार्य पूरे
HIGHLIGHTS
  1. ​रिकॉर्ड तोड़ सफलता: मनरेगा और 15वें वित्त की मदद से लगभग ₹49 करोड़ के विकास कार्य पूरे।
  2. ​अमृत सरोवर का उपहार: 12 अमृत सरोवरों का काम अंतिम चरण में, बारिश से पहले होंगे तैयार।
  3. ​गांव-गांव में गूंज: कलश यात्रा, प्रभात फेरी और वृक्ष पूजन जैसी 2329 गतिविधियों से जगाई गई अलख।

​1. 49 करोड़ का निवेश और जमीन पर दिखती तब्दीली  

​​सुश्री हर सिमरनप्रीत कौर (CEO, जिला पंचायत) के सतत मार्गदर्शन में कटनी ने अल्प समय में वह कर दिखाया जो मिसाल बन गया है। 19 मार्च से शुरू हुए इस अभियान में:
  • ​डग वेल रिचार्ज: 683 कुओं को पुनर्जीवित किया गया।
  • ​खेत तालाब (Farm Ponds): 462 तालाबों का निर्माण हुआ।
  • ​इरिगेशन और अन्य: 144 सिंचाई संरचनाएं और 118 वाटर कंजर्वेशन रिचार्ज कार्यों को मूर्त रूप दिया गया।


​2. सरकारी फाइल से निकलकर 'जन आंदोलन' तक का सफर

​यह अभियान तब सफल हुआ जब इसमें जनता का जुड़ाव बढ़ा। जिले की 407 ग्राम पंचायतों में जागरूकता के लिए अनूठे प्रयास किए गए:

  1. ​स्वच्छता और आस्था: 818 मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई।
  2. ​आधुनिक सोच: आंगनबाड़ी भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के 105 सिस्टम लगाए गए।
  3. ​सांस्कृतिक जुड़ाव: 62 कलश यात्राएं, 51 प्रभात फेरियां और 102 मानस पाठ व भजन संध्याओं के जरिए जल की महत्ता समझाई गई।

​3. भविष्य की तैयारी: बारिश की बूंदों का इंतज़ार

​CEO सुश्री कौर का मानना है कि इन संरचनाओं के बनने से न केवल भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में होने वाले जल संकट से भी बचा जा सकेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष 1981 प्रगतिरत कार्यों को भी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करें ताकि इस मानसून में पानी की एक-एक बूंद को सहेजा जा सके


हमारा नज़रिया: - 

“​जब प्रशासन और जनता एक ही दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो बदलाव निश्चित है। कटनी जिले का यह 'वॉटर मॉडल' प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन सकता है।"

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