- सुरक्षा से खिलवाड़: बदमाशों ने 4-5 रेल सिग्नलों के कॉपर वायर काटकर सिस्टम को किया ठप।
- ट्रेनों पर असर: 4 मालगाड़ी और 2 यात्री ट्रेनें प्रभावित, कॉशन ऑर्डर पर रेंगती रहीं गाड़ियां।
- पुलिसिया एक्शन: RPF ने बिछाया जाल, मुख्य आरोपी 'आलियाश' समेत 4 सदस्य गिरफ्तार।
1. जब 'रेड सिग्नल' ने बढ़ाई रेल प्रशासन की धड़कन
घटना 5 से 8 अप्रैल के बीच की है, जब कटनी मुड़वारा और न्यू मझगवां फाटक के बीच अज्ञात चोरों ने सिग्नलिंग सिस्टम को निशाना बनाया। जैसे ही कॉपर वायर कटे, तकनीकी व्यवस्था चरमरा गई। रेलवे के लिए यह केवल चोरी नहीं, बल्कि एक बड़ी सुरक्षा चुनौती थी, क्योंकि बिना सही सिग्नल के ट्रेनों का संचालन किसी बड़े खतरे से कम नहीं होता।
घटना 5 से 8 अप्रैल के बीच की है, जब कटनी मुड़वारा और न्यू मझगवां फाटक के बीच अज्ञात चोरों ने सिग्नलिंग सिस्टम को निशाना बनाया। जैसे ही कॉपर वायर कटे, तकनीकी व्यवस्था चरमरा गई। रेलवे के लिए यह केवल चोरी नहीं, बल्कि एक बड़ी सुरक्षा चुनौती थी, क्योंकि बिना सही सिग्नल के ट्रेनों का संचालन किसी बड़े खतरे से कम नहीं होता।
2. रेंगती रहीं ट्रेनें, परेशान हुए यात्री
सिस्टम ठप होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत सावधानी बरतते हुए 'कॉशन ऑर्डर' जारी किया। इसका मतलब था कि ट्रेनों को अब बेहद धीमी और सुरक्षित गति से चलाना था।
- इस तकनीकी खराबी के कारण पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चलीं।
- मालगाड़ियों के पहिए भी थमे रहे, जिससे रेलवे के परिचालन पर गहरा असर पड़ा।
3. EOW की रडार पर 'जमीन का खेल'
सहारा समूह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) सहारा की 312 एकड़ जमीन के संदिग्ध सौदों की पड़ताल कर रहा है। आरोप है कि पैसे को सेबी-सहारा के संयुक्त खाते में जमा करने के बजाय अन्य कंपनियों में 'डायवर्ट' कर दिया गया।
4. RPF की तत्परता: सलाखों के पीछे पहुँची गैंग
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की। पोस्ट प्रभारी वीरेंद्र सिंह की टीम ने सटीक मुखबिरी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भट्टा मोहल्ला निवासी मुख्य आरोपी आंशु उर्फ आलियाश और उसके तीन साथियों को दबोच लिया।
- बरामदगी: आरोपियों के पास से चोरी किया गया कीमती कॉपर वायर बरामद कर लिया गया है।
- कार्रवाई: गैंग के खिलाफ आरपीएफ एक्ट और रेलवे अधिनियम की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
एक फरार: गिरोह का एक और सदस्य अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। रेलवे ने साफ किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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